स्वस्थ्य शरीर के लक्षण

स्वस्थ्य शरीर के लक्षण

स्वस्थ्य शरीर मात्र कुछ लक्षणों से ही परिभाषित होता है प्रथम मल बंधा हुआ एवं साफ होना चाहिए, पेशाब भी खुल कर होना चहिए। द्वितीय भूख निश्चित समय पर खुलकर लगनी चाहिए। तृतीय मन प्रसन रहना चाहिए और चतुर्थ है शरीर आलस्यरहित रहना चाहिए। मन प्रसन रहना का अर्थ है कि आप तनावरहित एवं चिंतारहित हो साथ ही प्रत्येक कार्य में आपका मन लगता हो। मन प्रसन्न है इसका अर्थ यह है कि आप के हृदय में रक्त संचालन उचित ढ़ंग से हो रहा है। जब हृदय में उचित रक्त संचालन होता है तब शरीर के समस्त अंगो का पोषण होता है और शरीर में आलस्य नहीं रहता है। एक बात जान लीजिए रोगरहित शरीर में ही मन प्रसन्न रहता है।

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